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इन बर्तनो में छुपा सेहत का खजाना

सेहतमंद खाना पकाने के लिए आप तेल-मसालों पर तो पूरा ध्यान देते  हैं, पर क्या आप खाना पकाने के लिए बर्तनों के चुनाव पर भी ध्यान देते हैं? अगर आपका जवाब न है तो आज से ही इस बात पर भी ध्यान देना शुरू कर दें। बर्तन कैसे आपको सेहतमंद बना सकते हैं,  आज हम आप को बताते हैं . खाना पौष्टिक और सेहतमंद हो इसके लिए हम न जाने कितने जतन करते हैं। कम तेल इस्तेमाल से लेकर सब्जियों और दालों को सफाई से धोना, आटा साफ हाथ से गुनना, घर और किचन में साफ-सफाई का खास ख्याल रखना, भोजन की गुणवत्ता, ताजापन, सही मसालों का उपयोग और भी बहुत कुछ हमारी आदत में शुमार हो चुका है। लेकिन एक अहम चीज हम अकसर भूल जाते हैं और वह है हमारे बर्तन। जी हां, भोजन की पौष्टिकता में यह बात भी मायने रखती है कि आखिर उन्हें किस बर्तन में बनाया जा रहा है। आपको शायद मालूम न हो, लेकिन आप जिस धातु के बर्तन में खाना पकाते हैं उसके गुण भोजन में स्वत: ही आ जाते हैं। डाइटीशियन ईशी खोसला के मुताबिक भोजन पकाते समय बर्तनों का मैटीरियल भी खाने के साथ मिक्स हो जाता है। एल्यूमीनियम, तांबा, लोहा, स्टेनलेस स्टील और टेफलोन बर्तन में इस्तेमाल...

रोगों से बचाव के लिए रामबाण है घर पे बनी ये एंटीबैक्टीरियल ड्रिंक.!!

आज कल मौसम अक्सर  बदलता रहता है कभी बारिश कभी गर्मी । बदलते हुए मौसम में बीमारी फैलाने वाली वायरस और बैक्टेरिया भी सक्रिय हो जाते हैं और ऐसे में सर्दी ,जुखाम, बुखार जैसी बीमारियाँ होना आम बात है । खास तौर से बारिश के मौसम में।ऐसे में ज़रूरी है इन बिमारिओं से बचने के लिए अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना | अगर आप सही खुराक ले रहे हैं तो आपका इम्युनिटी सिस्टम भी मज़बूत होगा और  छोटी मोटी परेशानियां खुद ब खद ठीक हो जाएगी। हमारे घरों में बहुत से ऐसे पदार्थ होते हैं जिनके इस्तेमाल से हम खुद को इन छोटी छोटी बीमारियो से बचा सकते हैं । इसलिए आपको भी मौसम बदलते ही सर्दी जुकाम जैसी परेशानी होती है तो  ये एंटीबैक्टीरियल drink  का इस्तेमाल  कर सकते है। तो क्या है ये एंटीबैक्टीरियल ड्रिंक : अदरक, प्याज़ और लहसुन  जी हाँ हर घर में पाए जाने वाले ये तीन पदार्थ इनको मिला कर ही  बनती है एंटीबैक्टीरियल ड्रिंक कैसे काम करते है अदरक, प्याज और लहसुन लहसुन में मौजूद कई ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो हमारी सेहत के लिए बेहद लाभकारी होते हैं  , लहसुन में ...

अपने Immune System को सिर्फ 30 सेकंड में Recover कीजिये इस आसान सी विधि से!!!!

अगर इंसान की रोग प्रतिरोधक शक्ति कमज़ोर हो तो उसको हर रोग बड़ी आसानी से घेर लेता है, ज्यादा नहीं तो सुबह उठते ही छींके आना तो आम बात है, हर दुसरे दिन जुकाम लग जाना खांसी हो जाना, थोडा सा मौसम बदलते ही बुखार का हो जाना ये सभी कमज़ोर Immune system के कारण होता है. आज हम एक ऐसी विधि बताने जा रहें हैं, जिस से आप अपनी रोग प्रतिरोधक शक्ति को सिर्फ 30 सेकंड में बढ़ा सकते हैं, और ये है भी बहुत सरल और आसान. तो आइये जाने. Russian Doctor Sergei bubnovkiy के अनुसार हमारी रोग प्रतिरोधक शक्ति को हम चमत्कारी रूप से बढ़ा सकते हैं सिर्फ 30 सेकंड से 5 मिनट तक अपने पैरो को ठन्डे पानी में डालकर. उन्होंने ये भी कहा के इस तरीके से आप सर्दी और फ्लू जैसी अनेक बिमारियों से बच सकते हो. इसके लिए आप एक बर्तन लीजिये, इसमें ठंडा पानी डालिए और इसमें जितनी हो सके उतनी बर्फ डालिए, जितनी ज्यादा बर्फ होगी उतना ही अधिक प्रभावी ये होगा. इसके बाद आप अपने पैरों को इसमें डाल दीजिये, ऐसा आप 30 सेकंड से 5 मिनट तक कीजिये. और ऐसा आप रात को सोते समय हर रोज़ ही कीजिये. अगर आपका रोग प्रतिरोधक सिस्टम बहुत ज्यादा ही कमज़ोर हो तो आप इस...

शरीर को कर लो Alkaline हार्ट कैंसर किडनी थाइरोइड शुगर आर्थराइटिस सोरायसिस भी पास नहीं फटकेगा.

आपके शरीर के सभी रोग स्वतः ही समाप्त हो जाए, जैसे डायबिटीज, कैंसर, हार्ट, ब्लड प्रेशर, जोड़ों का दर्द, UTI – पेशाब के रोग, Osteoporosis, सोरायसिस, यूरिक एसिड का बढ़ना, गठिया – Gout, थाइरोइड, गैस, बदहजमी, दस्त, हैजा, थकान, किडनी के रोग, पेशाब सम्बंधित रोग, पत्थरी और अन्य कई प्रकार के जटिल रोग. इन सबको सही करने का सबसे सही और सस्ता उपयोग है शरीर को एल्कलाइन कर लेना Ph level kya hai – पी एच लेवल क्या है? इसको समझने के लिए सबसे पहले आपको PH को समझना होगा, हमारे शरीर में अलग अलग तरह के द्रव्य पाए जाते हैं, उन सबकी PH अलग अलग होती है, हमारे शरीर की सामान्य Ph 7.35 से 7.41 तक होती है, PH पैमाने में PH 1 से 14 तक होती है, 7 PH न्यूट्रल मानी जाती है, यानी ना एसिडिक और ना ही एल्कलाइन. 7 से 1 की तरफ ये जाती है तो समझो एसिडिटी बढ़ रही है, और 7 से 14 की तरफ जाएगी तो Alkalinity क्षारीयता बढ़ रही है. अगर हम अपने शरीर के अन्दर पाए जाने वाले विभिन्न द्रव्यों की PH को Alkaline की तरफ लेकर जाते हैं. तो हम बहुत सारी बीमारियों के मूल कारण को हटा सकते हैं, और उनको हमेशा के लिए Cure कर सकते हैं। cancer an...

निम्बू के छिलके में ऐसे गुण हैं अगर इनको जान लोगे तो दोबारा इनको फेंकने की गलती नहीं करोगे

निम्बू के वैसे तो अनेक गुण और औषधीय प्रयोग है, मगर इन प्रयोगों में हम एक चीज इसकी भूल जाते हैं और उसको Waste समझ कर फेंक देते हैं, वो है इसका छिलका, और हमने आपको फलों के छिलकों में मिलने वाले गुण पहले भी बताये थे, आज हम इसी कड़ी में आपको बताने जा रहें हैं निम्बू के छिलके के गुण और इसके प्रयोग करने की सही विधि जिस से आपको इसके वो गुण और फायदे मिले जिनके लिए लोग लाखों रुपैये खर्च कर देते हैं. तो आइये जानते हैं के अगर निम्बू को छिलके सहित खाएं तो क्या फायदे होंगे. पहले तो ये बता दें के फ्रीज़ सिर्फ इसीलिए करवा रहें हैं के आप निम्बू को छिलके सहित अच्छे से इस्तेमाल कर सकें, बस बात ये है के आपको छिलके सहित इस्तेमाल करना है, हमको ये विधि अच्छी लगी तो आपसे शेयर कर रहें हैं अगर आपके पास कोई दूसरा तरीका हो तो हमको बताइयेगा, हम वो भी यहाँ लिख देंगे. निम्बू का छिलका fiber,  potassium , magnesium,  calcium , folate, और beta carotene का बहुत बड़ा स्त्रोत है. निम्बू का छिलका हमारी हड्डियों को मज़बूत करता है, इसमें काफी मात्रा में कैल्शियम और  vitamin C  पाया जाता   है, निम्ब...

सेक्स बूस्टर ऑइल चंदनादि तेल – Sex booster oil chandan

श्वेत चंदन, लाल चंदन, पतंग, कालीयक की लक़डी, अगर, देवदारू, सरल काष्ठ, पद्दाख, तून की लक़डी, कपूर, कस्तूरी, शिलारस, केशर, जायफल, चमेली के पत्ते, लौंग, छोट ी इलायची, ब़डी इलायची, शीतलचीनी, दालचीनी, तेजपाल, नागकेशर, सुगंधबाला, खस, जटामांसी, छैल छरीला, नागरमोथा, रेणुका, प्रियंगु, गंधबिरोजा, कपूर, गूगल, लाख, नखी, राल, धाय के फूल, गाठबन, मजीठ, तगर, मोम-प्रत्येक 5-5 ग्राम लेकर सभी को एक साथ पीसकर चटनी बना लें। फिर इसे एक किलो तिल के तेल में मिलाकर तेल सिद्ध कर लें। इसे महाचंदानादि तेल कहते हैं। यह तेल मेडिकल स्टोर्स पर भी उपलब्ध है। इस तेल से मालिश करने से न सिर्फ सेक्स पावर बढ़ता है, बल्कि यह तेल रक्तपित्त, क्षय, ज्वर, शरीर में जलन, प्रस्वेद, दुर्गध, कुष्ठ और खुजली को भी नष्ट करता है। सेक्स बूस्टर ऑइल भल्लाताकाद्य तेल – Sex Booster Oil भिलवा, बडी कटेरी तथा अनार के फल का छिलका तीनों को समान मात्रा मे लेकर 250 ग्राम कल्क बना लें। फिर इसे चौगुने (1किलो) सरसों के तेल और चार लीटर पानी में मिलाकर पकाएं। जब केवल तेल रह जाए तो इसे उतारकर छान लें और शीशी में रख लें। पुरूष की जननेंद्रिय पर...

सुबह को खाली पेट चूना खाओ ” चूना अमृत है ”

अकेले चूने से आपकी अनेक विमारियां ठीक होती हैं पूरी पोस्ट पढ़िए :- 40 वर्ष के बाद हमारे शरीर को कैल्शियम की सबसे अधिक जरुरत होती है , बाहर से दूध , केला लेने पर जब वह हजम होगा तब कैल्शियम मिलेगा अगर उनको हजम का तत्व शरीर में नहीं है या कम है तो कैल्शियम नहीं मिलेगा और विना कैल्शियम के आपके शरीर में विमारी लग गयी तो बिना कैल्शियम की उपस्थति के कोई भी कोई भी विमारी ठीक नहीं होगी । चूना जो आप पान में खाते है वो सत्तर बीमारी ठीक कर देते है । जैसे किसी को पीलिया हो जाये माने जॉन्डिस उसकी सबसे अच्छी दवा है चूना । गेहूँ के दाने के बराबर चूना गन्ने के रस में मिलाकर पिलाने से बहुत जल्दी पीलिया ठीक कर देता है । और ये ही चूना नपुंसकता की सबसे अच्छी दवा है  ■ अगर किसी के शुक्राणु नही बनता उसको अगर गन्ने के रस के साथ चूना पिलाया जाये तो साल डेढ़ साल में भरपूर शुक्राणु बनने लगेंगे; और जिन माताओं के शरीर में अन्डे नही बनते उनकी बहुत अच्छी दवा है ये चूना । ■ विद्यार्थियों के लिए चूना बहुत अच्छा है जो लम्बाई बढाता है – ■ गेहूँ के दाने के बराबर चूना रोज दही में मिला के खाना चाहिए, ...

दाँतों में से खून निकलता हो तो ये हैं अचूक इलाज।

पायरिया दाँतों की एक गंभीर बीमारी है, पायरिया में मुंह से बहुत गन्दी बदबू आती हैं। इस रोग में मसूड़े पिलपिले और खराब हो जाते हैं और उनसे खून आता है। यह बीमारी स्वास्थ्य से जुड़े अनेक कारणों से होती है। आइये जाने पायरिया के लक्षण और इस बीमारी को दूर करने के घरेलु उपचार। पायरिया के लक्षण –  Payriya ke lakshan पायरिया होने पर सांसो में तेज दुर्गंध शुरू हो जाती है। मसूडों में सूजन होने लगती है। दांत कमजोर होकर हिलने लगते हैं। गर्म और ज्यादा ठंडा पानी पीने पर दांत संवेदनशील हो जाते हैं और लोग उसे बर्दास्त नही कर पाते हैं। पायरिया होने पर मसूडों से मवाद आना शुरू हो जाता है। मसूडों को दबाने में और छूने पर दर्द होता है। पायरिया की शिकायत होने पर मसूडों से खून निकलने लगता है। दो दांतों के बीच की जगह बढ जाती है, दांतों में गैप होने लगता है। कपूर: Payriya me kapoor ka pryaog पायरिया होने पर कपूर का एक छोटा टुकड़ा पान में रखकर खूब चबाने और लार एवं रस को बाहर निकालने से पायरिया रोग खत्म होता है। देशी घी में कपूर मिलाकर प्रतिदिन 3 से 4 बार दांत व मसूढ...

लिवर की सभी समस्याओं का रामबाण इलाज निम्बू।

यकृत के विकार ( जिगर की खराबी ) Liver Disease, Fatty or Cirrhosis, Liver ka ilaj अगर आपका लिवर छोटा (Liver Cirrhosis) , कठोर हैं, सूजा(Fatty Liver) हुआ हैं। तो ये प्रयोग ऐसे cases में अचूक हैं। अगर आप अनेक दवाये खा खा कर परेशान हो गए हैं तो ये साधारण दिखने  वाला प्रयोग आपके लिए अचूक हैं। एक बार इसको ज़रूर अपनाये। प्रयोग इस प्रकार हैं। एक कागजी निम्बू (अच्छा पका हुआ) लेकर उसके दो टुकड़े कर ले। फिर बीज निकालकर आधे निम्बू के बिना काटे चार भाग करें पर टुकड़े अलग- अलग न हो। तत्पशचात एक भाग में काली मिर्च का चूर्ण, दूसरे में काला नमक (अथवा सेंधा नमक) तीसरे में सोंठ का चूर्ण और चौथे में मिश्री का चूर्ण (या शककर) भर दे। रात को प्लेट में रखकर ढक दे। प्रात: भोजन करने से एक घंटे पहले इस निम्बू की फांक को मंदी आंच या तवे पर गर्म करके चूस ले। इस प्रयोग से होने वाले लाभ। 1. आवश्यकता अनुसार सात दिन से इक्कीस दिन लेने से लीवर सही होगा। 2. इससे यकृत विकार ठीक होने के साथ पेट दर्द और मुंह का जायका ठीक होगा। 3. यकृत के कठोर और छोटा होने के रोग (Cirrhosis of th...

पतलेपन से परेशान लोगों के लिए मोटा होने का जबरदस्त उपाय.

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जहाँ मोटापा एक बीमारी है वहीँ पर कमज़ोरी भी लोगों के उपहास का कारण बनता है। एक आकर्षक व्यक्तित्व की चाह रखने वाले नौजवानों के लिए शरीर का पुष्ट होना बहुत महत्वपूर्ण है। ऐसे में कुछ घरेलु उपाय ज़रूर आज़माएं जो आपकी कमज़ोरी दूर कर शरीर को हृष्ट पुष्ट कर देंगे। मोटा होने के लिए पहला प्रयोग। 1 से 2 ग्राम सौंठ एवं उतनी ही शिलाजीत खाने से अथवा 2 से 5 ग्राम शहद के साथ उतनी ही अदरक लेने से शरीर पुष्ट होता है। मोटा होने के लिए दूसरा प्रयोग। 3 से 5 अंजीर को दूध में उबालकर या अंजीर खाकर ऊपर से दूध पीने से शक्ति बढ़ती है। मोटा होने के लिए तीसरा प्रयोग। 1 से 2 ग्राम अश्वगंधा चूर्ण और इतने ही शतावरी के चूर्ण को आंवले के 10 से 10 मि. ली. रस के साथ 15 दिन लेने से शरीर में दिव्य शक्ति आती है। मोटा होने के लिए चौथा प्रयोग। एक गिलास पानी में एक निम्बू का रस निचोड़कर उसमे दो किशमिश डालकर रात को भिगोकर रख दीजिये। सुबह छानकर पी जाएँ एवं किशमिश चबा कर खा जाएँ। यह एक अदभुत शक्तिदायक प्रयोग है। मोटा होने के लिए पाँचवाँ प्रयोग। शाम को गर्म पानी में दो चुटकी हल्दी ...